यह सब्जी गठिया और बालों के लिए है रामबाण, गला देती है पथरी और गांठ को

प्रकृति ने हमें एक प्रकार की ऐसी सब्जी दी है जिसकी खेती भारत में सभी स्थानों पर की जाती है। बता दें कि पोषक तत्वों की मौजूदगी से इस सब्जी की तुलना नेनुए से की जा सकती है। बात हो रही है – तोरई, या तुरई की।

बता दें कि तोरई मीठी व कड़वी दो तरह की होती है लेकिन इसकी प्रकृति ठंडी और तर होती है। तोरई की सब्जी का प्रयोग वर्षा ऋतु में अधिक किया जाता है।

तोरई के अद्भुत फायदे :

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पथरी :

तोरई की बेल गाय के दूध या ठंडे पानी में घिसकर रोज सुबह के समय में 3 दिन तक पीने से पथरी गलकर खत्म होने लगती है।

आंखों के रोहे (पोथकी) तथा फूले :

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आंखों में रोहे यानीं पोथकी हो जाने पर तोरई के ताजे पत्तों का रस को निकालकर प्रतिदिन 2 से 3 बूंद दिन में 3 से 4 बार आंखों में डालने से लाभ मिलता है।

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