एक मंदिर जहां समुद्र करता है भगवान शिव का अभिषेक, लहरें बोलती हैं हर हर महादेव

सनातन धर्म विश्व का सबसे रहस्यमयी एवं वैज्ञानिक धर्म है, जिसके आज भी 99% रहस्यों पर कितने ही शोध के बाद भी बड़े बड़े वैज्ञानिक भी पर्दा नहीं हटा पाए। एक ऐसा ही रहस्य समेटे है गुजरात स्थित भगवान शिव का स्तंभेश्वर महादेव मंदिर। गुजरात राज्य के वड़ोदरा शहर से लगभग 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह मंदिर कवि कम्बोई गांव में है। इस मन्दिर की एक बड़ी ही अनोखी बात है जिसके लिए यह मंदिर दुनिया भर में जाना जाता है। इस अलौकिक मन्दिर में भगवान शिव का जलाभिषेक करने खुद समंदर आता है। यहीं नहीं इस मंदिर को गायब मंदिर कहा जाता है और ऐसा कहने के पीछे एक अनोखी घटना है। ये घटना वर्ष में कई बार देखने को मिलती है, जिसकी वजह से ये मंदिर अपने आप में खास है।

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ये मंदिर अरब सागर में खंभात की खाड़ी के किनारे स्थित है। समंदर के बीच में स्थित होने की वजह से इसकी खूबसूरती देखने लायक है। समंदर के बीच स्थित होने के कारण न केवल इस मंदिर का सौंदर्य बढ़ता है बल्कि एक अनोखी घटना भी देखने को मिलती है। यहां समंदर देवता स्वयं भगवान शंकर का जलाभिषेक करते हैं। रात के समय लहरों के समय शिवलिंग पूरी तरह से जलमग्न हो जाता है और यह परंपरा सदियों से सतत चली आ रही है। बता दें कि यहां स्थित शिवलिंग का आकार चार फुट ऊंचा और दो फुट के घेरे वाला है।

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NEXT कर अगले पेज पर पढें – मन्दिर के बारे में कुछ और विशेष बातें, क्यूँ कहते हैं इसे गायब मन्दिर 

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