क्या बाबा और उसकी मुंह बोली बेटी के बीच नाजायज संबंध हैं ?

बाबा गुरमीत सिंह राम रहीम सिंह इंसा बलात्कार के आरोप में 20 साल के लिए अंदर जा चूका है. हालाँकि उस पर कई मामलों की सुनवाई अभी बाकि है. माना जा रहा है कि उसकी सजा बढ़ भी सकती है. मगर जेल में जाने के बाद भी बलात्कारी बाबा राम रहीम के तेवर ढीले नहीं पड़े हैं. उसने जेल में कमर दर्द का बहाना बना कर अपनी गोद ली गई बेटी हनीप्रीत को साथ रखने की मांग की थी. मगर जेल अधिकारियों ने उसकी मांग को ठुकरा दिया.

उल्लेखनीय है कि डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख राम रहीम को दोषी करार दिए जाने के फौरन बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. सामने आया कि उस समय भी हनीप्रीत उसके साथ थी. इस दौरान वह हेलिकॉप्टर में बैठकर उसके साथ रोहतक जेल गई थी. वहां लगभग दो घंटे वह राम रहीम के साथ जेल के पास बने गेस्ट हाउस में भी रही थी. उस समय गेस्ट हाउस को ही अस्थाई जेल बनाया गया था.

पढ़ें बाबा की कथित बेटी हनीप्रीत के बारे में  

जानकारी अनुसार हनीप्रीत डेरा सच्चा सौदा की अनुयायी थीं. वह साल 1999 में डेरे से जुड़ी और जुड़ने की वजह थी उसका पति. क्यूंकि उसी साल उसकी शादी विश्वास गुप्ता नाम के व्यक्ति से हुई थी. और विश्वास गुप्ता का परिवार डेरे के साथ जुड़ा हुआ था. 1990 में गुरमीत के डेरा प्रमुख बनते ही 9 साल बाद यानी 1999 में गुरमीत राम रहीम सिंह की उपस्थिति ही दोनों की शादी हुई थी. शादी के पहले उसका नाम प्रियंका तनेजा था.

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उसका पति विश्वास करनाल डिस्ट्रिक्ट की घरौंदा सीट से दो बार MLA रहे रुलिया राम का पोता है. विश्वास के पिता एमपी गुप्ता ने ही डेरा को सबसे पहले अपनाया था. उस दौरान डेरा प्रमुख बाबा राम रहीम नहीं, शाह सतनाम हुआ करते थे. बता दें कि शाह सतनाम वही थे जिनके जाने के बाद गुरमीत को डेरा के ‘पिताजी’ का दर्जा मिला था. एक समय एमपी गुप्ता और गुरमीत दोनों गुरु भाई कहलाते थे, क्योंकि दोनों ही शाह सतनाम के अनुयायी थे.

पति विश्वास को ही नही रहा बाबा की इस बेटी पर विश्वास

साल 2011 में प्रियंका तनेजा उर्फ़ ह्नीप्रीत ने अपने पति और ससुर पर दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया. उस दौरान तक उसे बाबा अपनी बेटी जैसा बताने लगा था. और वो बाबा के साथ रहने लगी थी. हालाँकि बदले में गुप्ता परिवार भी कोर्ट पहुंचा. इस दौरान विश्वास गुप्ता ने अपनी पत्नी की कस्टडी की मांग की. मगर डेरा वालों ने भी विश्वास गुप्ता और एमपी गुप्ता पर एकाध केस ठोंक दिए थे.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस दौरान ही एक टीवी इंटरव्यू के दौरान विश्वास ने उस समय कहा था कि “उसकी पत्नी पर हमेशा से बाबा की बुरी नजर थी, इसीलिए उसे मुंहबोली बेटी बनाया था.” साथ ही विश्वास ने ये भी कहा था कि बाबा और पत्नी को साथ देखने के बाद बाबा ने उसे धमकी दी थी कि वो उसके पूरे परिवार को मार डालेगा. जिसके चलते विश्वास और उसके परिवार को डेरा और शहर छोड़कर वहां से भागना पड़ा.

विश्वास ने कहा था कि मई 2011 में वह बाबा की गुफा में रह रहा था. वे वहां इकट्ठे रहते थे. उसने बताया था कि बीच में एक दिन दरवाजा खुला रह गया तो उसने दरवाजे से देखा कि दोनों बाबा और कथित बेटी न्यूड थे और सेक्स कर रहे थे. उन्होंने विश्वास को देखा तो वो शॉक हो गए. विश्वास ने खुद भी इस आपत्तिजनक स्थिति पर बहुत हैरानी जताई थी.

राम रहीम को सजा होते ही मां ने हनीप्रीत का पत्ता काटा

राम रहीम की सजा का ऐलान होते ही उसकी मां 82 वर्षीय नसीब कौर ने डेरा सच्चा सौदा की आपात बैठक बुलाई और उसके उत्तराधिकारी के लिए मंथन किया. जिसके बाद तय किया गया कि राम रहीम का बेटा 33 वर्षीय जसमीत सिंह ही डेरा सच्चा सौदा का अगला प्रमुख होगा. इस दौरान नसीब कौर ने सभी सदस्यों से जसमीत को स्वीकार करने की अपील की है.

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इस तरह उन कयासों पर रोक लगी जिनमें ह्नीप्रीत को गद्दी सौंपने की बात चल रही थी. और इस बात को हवा मिलनी लाजमी है कि क्या बाबा के परिवार को बाबा की कथित बेटी पर विश्वास है भी या नहीं, क्यूंकि डेरा की बैठक में न सिर्फ उसको गद्दी सौंपने के बात भी उठी बल्कि डेरा के महत्वपूर्ण फैसले में उसे शामिल तक भी नहीं किया गया!!

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