प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप की मुलाकात से बौखलाए चीन ने भारत को लेकर दिया ये बड़ा बयान

अपने अमेरिका दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ गर्मजोशी से मुलाक़ात की। पीएम मोदी के इस दौरे पर पूरी दुनिया की नजर थी। मुलाकात के दौरान ट्रंप और मोदी में शानदार केमेस्ट्री दिखी, तो वहीं दोनों देशों ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ने की बात कही। लेकिन, दुनिया के दिग्गज इन दोनों नेताआें के मिलन से चीन पूरी तरह से बौखला गया है।

चीन की ओर से कहा गया है कि अमेरिका भारत को चीन के खिलाफ एक टूल की तरह इस्तेमाल कर रहा है। अमेरिका ने कभी भी सुरक्षा परिषद में भारत की जगह के लिए कोई ठोस दावेदारी नहीं की है। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स में छपे एक लेख में कहा गया है कि अमेरिका की ओर से एक नोट में कहा गया था कि भारत अमेरिका का एक सच्चा दोस्त है। इससे यह साफ था कि अमेरिका बीजिंग पर निशाना साधने के लिए नयी दिल्ली का इस्तेमाल करेगा। अखबार में लिखा है कि भारत भले ही इस पर थोड़ा गर्व महसूस कर सकता है कि वह अमेरिका का अहम साथी बन रहा है, लेकिन यह अमेरिका की ओर से एक ट्रैप है, जिसमें भारत का इस्तेमाल किया जा रहा है।

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चीन ने कहा कि भारत-अमेरिका की दोस्ती बराक ओबामा कार्यकाल से गहन है। ओबामा ने तब भारत को सुरक्षा परिषद में सीट दिलवाने का वादा किया था लेकिन उस वादे पर कुछ भी कुछ प्रैक्टिकल नहीं हुआ। अब क्या ट्रंप भारत को वो सीट दिला पाएंगे। इतना ही नहीं चीन ने साथ ही ट्रंप पर सवाल उठाए कि क्या वे पाकिस्तान पर आतंकी संगठनों को लेकर दबाव बनाएंगे जिसको लेकर भारत भी कई बार आरोप लगा चुका है। अगर इस पूरे मुद्दे पर नजर दौड़ाए तो इसका जवाब न ही होगा, जिससे साफ जाहिर है कि भारत का बस यूज हो रहा है।

चीन ने यह भी लिखा कि अमेरिका सिर्फ चीन के कारण भारत के करीब आ रहा है जबकि अंदर से यह दोस्ती उतनी गहरी नहीं है जितनी ऑस्ट्रेलिया और जापान की है। अखबार ने साथ ही लिखा न ही भारत चीन का अच्छा दोस्त बन पाया। आपको बता दें, पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच पहली मुलाकात में द्विपक्षीय और वैश्विक हित के तमाम मुद्दों पर बात हुई।

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स्त्रोत : NewstoIndia

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