LED बल्ब को लेकर हुए इस चौंकाने वाला खुलासे के बाद आँखें फटी की फटी रह जाएँगी..

कोई भी चीज जितनी फायदेमंद होती है, हमें उसके नुकसानों को लेकर भी सचेत रहने की जरूरत होती है। अब कौन्स सोच सकता है कि LED बल्ब को लेकर हुए इस चौंकाने वाला खुलासा हो सकता है जिसके बाद आपकी भी रातों की नींद उड़ जायेगी..

खबर अनुसार भले ही भारत में LED बल्ब का व्यापर इन दिनों बड़ी तेजी से आगे बढ़ रहा है, मगर एक शोध के बाद सामने आये एक तथ्य ने सबको हक्का बक्का कर दिया है कि मार्किट में धड़ल्ले से बिकने वाले लगभग तीन चौथाई यानी 70 से 80 फीसदी बल्ब सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरते हैं।

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ये आकड़ें सवेर्क्षण एजेंसी नील्सन द्वारा जारी किये हैं जिनके द्वारा खुलासा किया गया है कि भारत में बिक रहे ज्यादातर LED बल्ब बेहद खतरनाक और नकली हैं। इनमें भी सबसे ज्यादा मामले राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली से जुड़े हैं।

देश की आर्थिक व्यवस्था के लिए भी बड़ा खतरा ..

इस सवेर्क्षण से यह बात भी सामने आई है कि लगभग 50 फीसदी LED बल्ब पर निमार्ता का एड्रेस नहीं है और 30 फीसदी पर निमार्ता का नामोनिशान ही नहीं है। गत जुलाई के दौरान नई दिल्ली के अलावा मुम्बई, अहमदाबाद और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों के 200 इलेक्ट्रिक खुदरा आउटलेट पर सवेर्क्षण करके यह रिपोर्ट तैयार की गयी है।

यह भी सामने आया है कि जाली और बिना ब्रांड वाले LED बल्ब न सिर्फ संगठित बाजार के लिए खतरा हैं बल्कि इनसे सरकार के ‘MAKE IN INDIA’ पहल पर भी खतरा मंडरा रहा है। अगस्त के महीने में भारतीय मानक ब्यूरो ने LED बल्ब निमार्ताओं को उनके उत्पाद के सुरक्षा जांच के लिए BIS से पंजीकृत करने का आदेश जारी किया था।

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भारत के बाजार में इस समय चीन से तस्करी के रास्ते लाये गये उत्पादों का काफी बोलबाला है और इस कारण ही LED निमार्ताओं को BIS पंजीकरण के आदेश जारी किये गये थे। बता दें कि जाली उत्पादों से सरकार खजाने को काफी चूना लगता है, इस तरह का निवेश लक्ष्य के उद्देश्य के प्रतिकूल हैं और EASE OF DOING बिजनेस के खिलाफ भी हैं।

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