दिल्ली की इन 5 जगहों पर जाने की गलती मत करना, उम्र भर पछताना पड़ेगा..

भारत में काफी ऐसी जगह हैं जहाँ अक्सर भुतिया गतिविधि की सुचना हमेशा मिलती रहती है. तो अगर आप भारत की राजधानी में रहते हो या वहा काम करते हो तो आप यह पोस्ट जरुर पढ़े. इसे हम आपको कुछ ऐसी जगहों के बारे में बतायेंगे जिसके पढने के बाद आप रात के समय में वहा से गुजरने के बारे में भी नही सोचेंगे.

1. दिल्ली केंट
वैसे तो यह इलाका काफी हरा भरा और शांत मालूम पड़ता है. पर रात के समय में यहा से गुजरना अपनी मौत को दावत देना भी हो सकता है. आप को बता दे की वह व्यक्ति जो रात में वहा से गुजरते है. उन सभी ने खतरनाक किस्सा की व्याखा की है.

Loading...

उनके अनुसार वहा सफ़ेद कपड़ो में एक महिला होती है. जो लगातार उन ड्राईवरो को निहारती रहती है. और जैसे ही कोई ड्राईवर अपनी गति तेज़ करता है. अगले ही पल वह दुर्घटना का शिकार हो जाता है. सूत्रों की माने तो वहा बहुत ज्यादा हादसे हो चुके है. और पुलिस भी अब वहा सक्रीय होने लगी है.

2. जमाली मस्जिद
अगर आपको जिन्न देखने है. तो रात के समय आप यहा जरुर चले जाये. लोगो की माने तो यहा रात के समय अगर कोई भी व्यक्ति अकेला बैठ जाये तो उसके साथ एक अजीबो गरीब घटना घटती है.

बता दें कि इस दौरान कोई शक्ति उसे बार-बार थप्पड़ मारती रहती है. काफी लोगो ने रात के समय वहा जाना बंद कर रखा है.

3. लोथियन कब्रिस्तान
आप को बता दे की यह इसाईयो का कब्रिस्तान है. इस जगह पर एक घटना हुई थी. जिसके बारे में अंग्रेजो को भी पता था. यह घटना तब हुई थी जब भारत पर अंग्रेजो का राज़ था. उस कहानी के अनुसार एक अँगरेज़ सिपाही ने एक हिन्दुस्तानी औरत से प्यार का इज़हार किया.

उस औरत ने उसे साफ़ मना कर दिया. जिसके बाद उस सिपाही ने अपना गला काट लिया. माना जाता है की आज भी वह सिपाही वहा मौजूद है और उस औरत का इंतज़ार कर रहा है. काफी लोगो ने उसे वहां बैठा देखा है.

4. फिरोज शाह कोटला किला
फिरोज शाह तुगलक द्वारा 1354 में बनवाया गया यह किला आज खंडहर हो चुका है. माना जाता है कि हर गुरुवार यहां मोमबत्तियां और अगरबत्ती जलती दिखती है. फिर अगले दिन किले के कुछ हिस्सों में कटोरे में दूध और कच्चा अनाज भी रखा मिलता है.

ढेरों बार ऐसा अक्सर होता रहा है, जिसके चलते किले की पहचान अब भूतों के किले के रूप में होने लगी है.

5. मालचा महल

दिल्ली के दक्षिण रिज़ के बीहड़ो में छुपे मालचा महल का निर्माण आज से 700 साल पहले फ़िरोज़ शाह तुगलक ने करवाया था. कभी शिकारगाह के रूप इस्तेमाल करते थे. फ़िलहाल ये खंडहर हो चुका है.

loading...

इस खंडहर हो चुके महल में 1985 में, अवध घराने की  बेगम विलायत महल अपने दो बच्चो, पांच नौकरो और 12 कुत्तो के साथ रहने आई. इस महल में आये बाद वो कभी इस महल से बाहर नहीं निकली. इसी महल में बेगम विलायत खान ने 10 सितम्बर 1993 को आत्महत्या कर ली थी/ कहते है की बेगम की रूह आज भी उसी महल में भटकती है.

loading...