ये है एक वेश्या की दर्दनाक जिंदगी, कुछ इस तरह जीवन हो जाता है इनका ..

आज के समय में वैश्यवर्ती एक पेशा बन चूका है. जो औरते और नौकरियों में पैसा नही कमा पाती वह इस रोजगार को चुन लेती है. लेकिन कई देशो में इसे बंद भी किया गया है. वहा की सरकार द्वारा क्योकी सरकार इन्हें एक रोजगार की तरफ नही बल्कि महिलाओ पर हो रहे उत्पीडन की नजर से देखती है. और वेश्यावृत्ति में एक बार जाने के बाद किसी भी महिला के लिए उससे बाहर निकल पाना आसान नहीं होता है।

लड़कियां यहाँ एक बार आने के बाद इससे बाहर नही पाती है. कुछ महिला तो इसे अपनी मजबूरी के लिए करती है. लेकिन फिर चाहकर भी खुद को इससे बाहर नहीं निकाल पाती है। अपना पडोसी देश बांग्लादेश का नाम भी मुस्लिम देशों की उस लिस्ट में काफी ऊपर है जहाँ वेश्यावृत्ति का धंधा खूब फल फुल रहा है। बता दें कि बांग्लादेश के तंगेल जिले के कांडापारा वेश्यालय को देश का सबसे बड़ा पुराना (लगभग 200 साल) और दूसरा सबसे बड़ा वैश्यालय बताया जाता है।

साभार : socialissues.jagranjunction.com

जानिये कैसे करवाया जाता है इन महिलाओ से काम:

Loading...

कोई छोटी उम्र की लड़की को वैश्यालय के इस माहौल में पहले एक बंधुआ मजदूर की तरह रखा जाता है। समय ढलने के साथ जैसे ही ये लड़कियां 12 से 14 साल की होती चली जाती है, तब इन्हे भी इस जिस्मफरोशी के धंधे में उतार दिया है। यहाँ इन्हें कोई अधिकार नहीं दिया जाता, बस जीती हैं कैसे भी करके, और इनके लिए एक मुख्य महिला का आदेश अंतिम रहता है। अंत में इन सब की एक कीमत तय कर दी जाती है.

बहुत ज्यादा खरीदी जाती है यहा लड़कियां:

इस जगह वे तब तक बंधुआ रहती है जब तक की उन्हें कोई खरीदने के लिए नही आता। कोई इन्हें खरीद के ले जाता है तो कोई सिर्फ कुछ समय के लिए पैसे देता है जब तक उसका काम पूरा हो जाये वह वापिस इन्हें छोड़ देता है। इसके बाद ही वह इस धंधे को छोड़ भी सकती है। मगर कई सालो तक कलंक के इस माहौल में रहने के बाद वे खुद भी इस माहौल से अलग नहीं हो पाती है और खुद को यही का बनाकर रख देती है। इनकी जिंदगी लाचारी का समानार्थक मात्र है।

loading...

ऐसा नही है की यह पढना नही चाहती कामयाब नही होना चाहती पर समस्या है कि कौन उठाये उनके लिए आवाज… !!

loading...