ये हैं रामायण की 10 अनसुनी और अनकही बातें, जो आपको भी नही होंगी पता.. क्लिक कर जानें!

रामायण को वाल्मीकि ने लिखा था और यह महाकाव्य कम से कम 5000 साल पुरानी है. यह हमे भगवान राम के बारे में सब कुछ बताती है. रामायण में काफी ऐसी चीज़े है जिससे हमने ध्यान से नही पढ़ा और इन तथ्यों पर ज्यादा जोर नही दिया गया. और या ये हमे कभी बताए नहीं गए. आइये हम कुछ बताते है, शायद आपको इनके बारे में पता नही होगा.

1. राम की बड़ी बहन भी थी

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राम की एक बड़ी बहन थी जिसका नाम शांता था. वह राजा दशरथ के परिवार के साथ उनके महल में नही रहती थी. और कहते है वही कारण थी राजा दशरथ और उनकी पहली पत्नी कौशल्या की लड़ाई का. लेकिन शांता कभी भी रामायण का हिस्सा नही रही. ना ही कोई धार्मिक धारावाहिक ने उस का जिक्र किया.

2. रावण के दस सिर क्यों थे?

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आपने हमेशा देखा होगा या सुना होगा की रावण के दस सिर थे. पर उसके पीछे की कहानी के बारे में आप लोगो को शायद ही पता हो. चलिए हम आपको बताते है. रावण एक भक्त था भगवान शिव का. उसने हर बार भगवान शिव को अपना सिर भेट चढ़ाया, भगवान शिव ने हर बार उसे एक नया सिर दिया. यह काम उसने 9 बार किया. जिसके बाद उसके 10 सिर हो गए.

3. असली लंका का राजा कुबेर था

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जैसा की आप लोग जानते है कुबेर ही भगवान है धन और दौलत का. कुबेर के पिता विश्र्व है. और विश्र्वा ने राक्षसों की राजकुमारी कैकसी से शादी की थी. जिससे उसे चार बच्चे हुए थे. जिनका नाम है; रावण, कुम्भकरण, विभिसन और सूर्पनखा. यानी कुबेर का सौतेला भाई रावण था. और कुबेर ने ही लंका को बनाया था. लेकिन बाद में रावण ने उसके ही घर से उसको भगा दिया था.

4. लक्ष्मण शेष नाग की आत्मा थी

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सभी जानते है की राम, भगवान विष्णु का रूप है. पर कोई नही जानता की लक्ष्मण शेष नाग का ही एक रूप था.

5. लक्ष्मण 14 साल के वनवास पर कभी नही सोया

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हां यह बिलकुल सच तथ्य है कि लक्ष्मण जब तक नही सोया था जब तक राम का वनवास खत्म नही हुआ था. कहते है नींद के देवता निंद्रा को लक्ष्मण ने कहा था की वह चाहता है की वो उसे जब तक नही सुलाए जब तक यह वनवास ख़त्म नही हो जाता. ताकि वह हर पल श्री राम की रक्षा कर सके और उन की सेवा कर सके.

6. बाली ने ही अगले जन्म में भगवान् कृष्ण का मारा था

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भगवान् श्रीकृष्ण को माता गांधारी ने श्राप दिया था की वह भी नही बचेगा. यानी उसके पुत्रो की हत्या करवाने के लिए उन्हें यह श्राप मिला. उन्हें मारने वाला कोई और नही बल्कि बाली ही था. वही बाली जो सुग्रीव का भाई था. और जिसे श्रीराम ने मारा था. बाली ने ही जारा शिकारी का रूप धारण किया था. और श्रीकृष्ण को उस रूप से आज़ाद किया.

7. लक्ष्मण की मृत्यु श्री राम के शब्दों से हुई थी

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एक बार श्री राम और मौत के भगवान यम आपस में बाते कर रहे थे. दोनों ने कहा था की अगर कोई भी उनकी इस वार्तालाप के बीच में आया या उस कक्ष में किसी ने भी प्रवेश किया तो उसे या तो मौत की सजा या कोई कठोर दंढ मिलेगा. और दुर्भाग्यपुरण, लक्ष्मण उस समय वहा आ गया जब वे दोनों वार्तालाप कर रहे थे. बड़े भाई के वचन को ऊपर रखते हुए उसने अपने प्राण त्याग दिए.

8. हनुमान को बजरंगबली क्यों बुलाते है?

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इस बात के पीछे भी एक महत्वपूर्ण कारण है. एक बार हनुमान ने सीता माँ से पूछा की वह अपने माथे पर सिन्दूर क्यों लगाती है. तो सीता माँ ने बताया की सिन्दूर लगाने से उनके पति की आयु बढ़ जाती है और इसे उनकी रक्षा होती है. यह बात सुनकर हनुमान ने अपने पुरे शरीर पर सिन्दूर लगा लिया. ताकि श्री राम अमर हो जाये और उन्हें किसी भी कठिनाई का सामना ना करना पड़े. सिन्दूर का हिंदी में अनुवाद होता है बजरंग. इसी से नाम बनता है बजरंगबली.

9. गिल्लेरियो को सफ़ेद पटिया क्यों है

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जब बंदर पथरो से राम सेतु बना रहे थे ताकि वह उस पर चल कर लंका पहुच सके. तभी एक गिल्लेरी कुछ छोटे-छोटे कंकर समुंद्र में डालने लगी ताकि उनकी मदद कर सके. पर उसे देख कर बंदर हसने लगे. पर भगवान राम ने उसे आशीर्वाद दिया. जिसके बाद उन सभी के सफ़ेद पटिया निकल आयी.

10. सुर्पनखा रावण को मारना चाहती थी

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आप सब को भी पता है रामायण की मुख्य वजह सूर्पनखा थी. वही वजह थी रावण की हार की भी. सुर्पनखा की नाक राम के भाई लक्ष्मण ने काटी थी. और आपको यह भी पता होगा की क्यों काटी थी? पर क्या उसने यह घटना जान बुझकर कर करवाई थी. हर चीज़ के दो पहलु होते है. सुर्पनखा क्या सच मे श्री राम से प्यार करने लगी थी या वह सब दिखावा कर रही था.

चलिए सूर्पनखा के बारे में आपको कुछ अनसुनी बात बताते है. सुर्पनखा का नाम मीनाक्षी था और वह अपनी माँ की तरह बहुत सुंदर थी. उसकी शादी असुरो के राजा दुश्ताबुद्धि से हुई थी. और वह दोनों रावण के दरबार में शामिल थे. वह उससे शादी करके खुश थी. लेकिन उसका भाग्य उससे कुछ और चाहता था और दुश्ताबुधि को लालच आ गया, वह रावण से भी ज्यादा ताकतवर बनना चाहता था. वह रावण का राजपाठ कब्जाना चाहता था. पर रावण को समय पर इस बात का ज्ञान हो गया और उसने उसकी हत्या करवा दी. यह सब सुर्पनखा की आँखों के सामने हुआ.

उसने उस समय तो रावण को कुछ नही कहा पर अंदर ही अंदर बदले की भावना जाग गयी. उसने एक दिन श्री राम को जंगल में देखा और रावण के मरण की योजना बना ली. उसे पता था राम भगवान् विष्णु के अवतार है और बस वही है जो रावण को मार सकते थे. इसलिए उसने यह षड्यंत्र रचा. उसे पता था की उसका भाई उसके लिए कुछ भी कर सकता है. और आगे की कहानी तो आप सबको पता ही है.

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