ये मुस्लिम औरतें पैसे देकर अजनबी के साथ करती हैं वो काम जिसे जान दंग रह जायेंगे आप….

प्रसिद्ध समाचार एजेंसी बीबीसी की एक पड़ताल में सामने आया कि तलाकशुदा मुस्लिम महिलाओं को इस्लामिक विवाह ‘हलाला’ का हिस्सा बनाने के लिए इस समय कई ऑनलाइन सेवाएं उनसे हजारों पाउंड की कीमत तक वसूल रही हैं। इस दौरान पहले तो पैसे देकर इन महिलाओं को एक अजनबी से शादी करनी होती है, फिर सेक्स करना होता है, फिर उसे तलाक देना होता है ताकि वे अपने पहले पति के पास वापस लौट सकें।

परिवारिक दोस्त के माध्यम से शादी के बाद 20 वर्षीय फराह (बदला हुआ नाम) को दो बच्चे भी हुए, मगर शादी के बाद उसकी प्रताड़ना शुरू हो गई। उसके पति ने पैसों को लेकर उसके साथ अपमानजनक व्यवहार किया। उसे बाल पकड़कर घसीटा। घर से बाहर निकालने की कोशिश की। उसका पति कई बार उसके साथ पागलों की तरह व्यवहार करता था।

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लगातार प्रताड़ना के बाद भी फराह को उम्मीद थी कि चीजें बदलेंगी। मगर फराह के पति का व्यवहार इतनी तेजी से बदलेगा कि उसने भी न सोचा था। कुछ समय बाद ही उसके पति ने उसे टेक्स्ट मेसेज के जरिए तलाक दे दिया।

तलाक, तलाक, तलाक .. यह तीन तलाक है जिसमें पति अपनी पत्नी को तीन बार तलाक कहता है। मुस्लिमों के बीच यह प्रचलन में है और ऐसा कहते ही इस्लामिक विवाह खत्म हो जाता है। अधिकतर मुस्लिम देशों में तीन तलाक पर प्रतिबंध है, मगर यह फिर भी हो रहा है। ब्रिटेन जैसे देशों के साथ भारत में भी ये प्रचलन में है।

फराह उस मैसेज को अपने पिता के पास भेजा, जिस पर उसके पिता ने कहा कि उसकी शादी अब खत्म हो गई थी। उसे अब उनके साथ नहीं रहने के फरमान को बताया। फराह बुरी तरह से घबरा गई थीं, मगर वह अपने पूर्व पति के पास लौटना चाहती थीं। उसका पति उसके जीवन का प्यार था।

उसके पूर्व पति को भी इस तलाक के लिए खेद था। जिसके बाद अपने पूर्व पति को पाने के लिए फराह ने विवादित चलन हलाला का हिस्सा बनना चाहा। बता दें कि तीन तलाक से पीड़ित महिलाओं के छोटे तबके में हलाला को स्वीकार किया जा रहा है।

जोखिम भरा है हलाला

मुस्लिमों अनुसार हलाला एकमात्र उपाय है जिसके सहारे तलाकशुदा जिंदगी खत्म हो सकती है और विवाह को फिर से बहाल किया जा सकता है, मगर कई मामलों में जो महिलाएं हलाला चाहती हैं, उनके लिए यह जोखिम भरा रहता है। क्यूंकि इस दौरान आर्थिक रूप से इनका दोहन किया जाता है, इन्हें ब्लैकमेल किया जाता है और यहां तक की यौन प्रताड़ना का भी सामना करना पड़ता है।

बीबीसी अनुसार कई ऑनलाइन सर्विस के जरिए हलाला को अंजाम दिया जा रहा है। यही नहीं बल्कि कई मामलों में तो महिलाओं से हजारों पाउंड की कीमत वसूली जा रही है। एक विज्ञापन अनुसार इसमें एक तलाकशुदा मुस्लिम महिला को सवा दो लाख रुपए (£2,500) का भुगतान करने की मांग की गयी थी।

ह्लाला के नाम पर शादी पूरी करने के लिए एक व्यक्ति के साथ सेक्स करना होता है और उसी वक्त फिर उसे तलाक देना होता है। ढेरों एजेंसियों के इस काम में होने की उम्मीद है।

क्या किया फराह ने

फराह अनुसार मस्जिद में एक खास कमरा होता है जिसे बंद कर दिया जाता है। जहां इमाम या कोई और ह्लाला को अंजाम देता है। इस दौरान वह महिला के साथ सोता है और वह अन्य लोगों को भी उस महिला के साथ सोने की इजाजत देता है।

मगर फराह ने एक सन्गठन के दबाव में आखिर में तय किया कि वो अपने पूर्व पति के साथ नहीं जाएगी और न ही हलाला का रास्ता अपनाएगी। फिर भी फराह चेतावनी देती हैं कि उसके जैसी स्थिति में कई औरतें हैं और वो कुछ भी करने को तैयार हैं। फराह कहती है कि “एक तलाकशुदा औरत की हालत नहीं समझ सकता कोई, न ही उस दर्द को, उस एकाकीपन को… कुछ औरतें जैसा महसूस करती हैं आपको अंदाजा भी नहीं होता।”

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सभार : www.amarujala.com

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